वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS का बढ़ता दबदबा
BRICS की आर्थिक ताकत का जिक्र करते हुए पुतिन ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में वैश्विक GDP में समूह के देशों की हिस्सेदारी 40 फीसदी से ज्यादा रही है, जबकि G7 की हिस्सेदारी 29 फीसदी रही। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक विकास के केंद्र लगातार बदल रहे हैं और नए क्षेत्र तेजी से उभर रहे हैं।
NDB के जरिए निवेश बढ़ाने की तैयारी
पुतिन ने प्रस्तावित निवेश मंच के लिए BRICS के न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) को आधार बनाने की संभावना जताई। उनका कहना है कि इससे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद मिल सकती है। रूस ने आर्कटिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं में सहयोग की भी इच्छा जताई।
AI और टेक्नोलॉजी पर भी जोर
BRICS के एजेंडे में सिर्फ व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्वायत्त परिवहन और फिनटेक जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। पुतिन ने कहा कि रूस और अन्य BRICS देश तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने पर काम कर रहे हैं।
पश्चिमी प्रतिबंधों पर रूस का निशाना
पुतिन ने पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और व्यापारिक पाबंदियों की आलोचना करते हुए कहा कि रूस पर हजारों प्रतिबंध लगाए गए हैं। उनके मुताबिक, रूस ने नए व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंध बढ़ाकर इसका सामना किया है। उन्होंने साफ कहा कि BRICS किसी देश के खिलाफ नहीं है, बल्कि अपने सदस्य देशों के आर्थिक हितों और सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
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