डिजिटल करेंसी से आसान होगा भुगतान
रूस के सबसे बड़े बैंक स्बरबैंक के प्रमुख हरमन ग्रेफ के मुताबिक, रूसी केंद्रीय बैंक और भारतीय रिजर्व बैंक इस व्यवस्था को विकसित करने पर काम कर रहे हैं। डिजिटल करेंसी के इस्तेमाल से भुगतान प्रक्रिया को अधिक तेज और कुशल बनाने की संभावना है।
डॉलर पर निर्भरता घटाने की कोशिश
मौजूदा व्यवस्था में कई बार रुपये को डॉलर और फिर रूबल में बदलने की जरूरत पड़ती है। इससे अतिरिक्त शुल्क और समय दोनों लगते हैं। डिजिटल करेंसी आधारित व्यवस्था लागू होने पर ऐसे लेन-देन को सीधे और तेजी से पूरा करने में मदद मिल सकती है।
भारत-रूस व्यापार के लिए अहम कदम
रूस ने डिजिटल रूबल को प्रमुख बैंकों के जरिए इस्तेमाल में लाना शुरू किया है, जबकि भारत भी अपनी डिजिटल मुद्रा का पायलट चरण शुरू कर चुका है। ऐसे में दोनों देशों के डिजिटल करेंसी सिस्टम के बीच संभावित सहयोग को व्यापारिक रिश्तों के लिए अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, यह व्यवस्था अभी विकास के चरण में है और इसके पूरी तरह लागू होने की समयसीमा स्पष्ट नहीं है।

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