दुनिया के सिर्फ 6 देशों के पास MIRV तकनीक, जानिए कौन-कौन हैं इस ताकत के मालिक

नई दिल्ली। परमाणु मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में MIRV को बेहद उन्नत क्षमता माना जाता है। इसका पूरा नाम Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle है। इसकी खासियत यह है कि एक बैलिस्टिक मिसाइल कई अलग-अलग वारहेड ले जा सकती है, जिन्हें अलग-अलग लक्ष्यों की ओर भेजा जा सकता है। भारत के MIRV क्षमता वाले अग्नि मिसाइल परीक्षण के बाद देश भी इस चुनिंदा समूह में शामिल हो गया है।

क्या है MIRV तकनीक?

साधारण भाषा में समझें तो MIRV ऐसी तकनीक है, जिसमें एक मिसाइल के पेलोड सेक्शन में एक से अधिक स्वतंत्र रूप से लक्षित किए जा सकने वाले री-एंट्री व्हीकल लगाए जाते हैं। इससे एक ही मिसाइल से अलग-अलग लक्ष्यों को निशाना बनाने की क्षमता मिलती है। यह तकनीक रणनीतिक परमाणु निरोधक क्षमता को मजबूत करने से जुड़ी मानी जाती है।

कौन-कौन से 6 देश?

सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आकलनों के अनुसार MIRV क्षमता वाले प्रमुख देशों में अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस और भारत शामिल हैं। अमेरिका ने इस तकनीक को सबसे पहले विकसित और तैनात करने वाले देशों में अग्रणी भूमिका निभाई थी।

भारत ने कैसे बनाई जगह?

भारत ने अग्नि-5 के मिशन दिव्यास्त्र के जरिए MIRV क्षमता का प्रदर्शन किया था। इसके बाद अग्नि मिसाइल के एक उन्नत संस्करण का MIRV प्रणाली के साथ उड़ान परीक्षण भी किया गया। परीक्षण में कई पेलोड को अलग-अलग लक्ष्यों की दिशा में भेजने की क्षमता प्रदर्शित की गई।

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