खुशखबरी का धमाका! बिहार में जमीन मालिकों को मिलेंगी 4 बड़ी राहतें

पटना। बिहार में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और विवादों को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग जल्द ही 45 दिवसीय विशेष अभियान चलाएगा। इसका उद्देश्य जमाबंदी में दर्ज गलतियों को ठीक करना और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं को ज्यादा पारदर्शी बनाना है।

1. जमाबंदी की गलतियां होंगी दूर

अभियान के दौरान खाता, खेसरा, प्लॉट और रैयत के नाम से जुड़ी त्रुटियों को सुधारा जाएगा। इससे जमीन के रिकॉर्ड को सही कराने में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

2. जरूरत पड़ने पर मुफ्त मापी

अगर किसी जमीन की पहचान या सीमा तय करने के लिए मापी जरूरी हुई तो संबंधित भूमि की मुफ्त मापी कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे जमीन की स्थिति स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।

3. नए सर्वे में नक्शे के साथ मिलेगा रिकॉर्ड

नए सर्वे वाले जिलों में स्पेशियल म्यूटेशन की शुरुआत की जाएगी। इसमें जमीन के विवरण के साथ उसका नक्शा भी उपलब्ध रहेगा। इससे भूमि की पहचान आसान होगी और भविष्य में विवाद की संभावना कम हो सकती है।

4. सरकारी जमीन का बनेगा लैंड बैंक

सरकार सभी जिलों में सरकारी जमीन का अपडेटेड लैंड बैंक तैयार करने की दिशा में काम करेगी। इसमें अलग-अलग प्रकार की सरकारी भूमि का रिकॉर्ड शामिल किया जाएगा, ताकि भविष्य में उद्योग और विकास परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता स्पष्ट रहे।

इसके अलावा अरवल, जहानाबाद, शेखपुरा, शिवहर और लखीसराय के एक हजार से अधिक गांवों में सर्वे संबंधी नोटिफिकेशन जल्द किए जाने की तैयारी है। सरकार ने अधिकारियों को मामलों के निस्तारण में समानता और पारदर्शिता बरतने के निर्देश भी दिए हैं।

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