भारत और रूस मिलकर बदलेंगे पूरा खेल! 10 बड़े फैसलों से देश को खुशखबरी!

नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच रणनीतिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और तकनीक जैसे क्षेत्रों में दोनों देश सहयोग को आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं। रूस ने भी संकेत दिया है कि भारत को होने वाले ऊर्जा निर्यात में कमी नहीं आई है, बल्कि इसमें लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ऐसे में दोनों देशों की साझेदारी भारत के लिए कई नए अवसर खोल सकती है।

भारत-रूस रिश्तों से जुड़ी 10 बड़ी बातें

1. रूसी ऊर्जा की सप्लाई मजबूत

रूस के मुताबिक भारत को होने वाले ऊर्जा निर्यात में लगातार इजाफा हो रहा है और लगभग हर महीने नया रिकॉर्ड बन रहा है।

2. रुपए भुगतान का रास्ता साफ होगा

आपको बता दें की द्विपक्षीय व्यापार में जमा भारतीय मुद्रा से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए दोनों देश लगातार काम कर रहे हैं।

3. रेयर अर्थ्स पर बढ़ेगा सहयोग

दोनों देश दुर्लभ मृदा खनिजों की खोज और विकास में साझेदारी की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और हाईटेक उद्योगों में होता है।

4. Su-57 जेट पर बातचीत

दरअसल रूस के पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ लड़ाकू विमान Su-57 की संभावित बिक्री भी भारत-रूस रक्षा एजेंडे में शामिल है।

5. राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार

दोनों देश व्यापार में अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ाने के विकल्पों पर जोर दे रहे हैं, ताकि भुगतान व्यवस्था ज्यादा सुविधाजनक हो सके।

6. पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद नई भुगतान व्यवस्था

डॉलर और यूरो से जुड़ी पाबंदियों के बाद रूस वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों और राष्ट्रीय मुद्राओं का इस्तेमाल बढ़ा रहा है।

7. ब्रिक्स में भारत की अहम भूमिका

भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में रूस के साथ सहयोग के अलावा अन्य सदस्य देशों के साथ आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को भी मजबूती मिल सकती है।

8. मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बातचीत प्रस्तावित है। इसमें व्यापार और आर्थिक सहयोग समेत कई मुद्दे उठ सकते हैं।

9. विस्तारित ब्रिक्स से बढ़ेंगे अवसर

ब्रिक्स के विस्तार से भारत के लिए नए बाजारों तक पहुंच, निवेश और आपूर्ति शृंखला में सहयोग के अवसर बढ़ सकते हैं।

10. तकनीक और निवेश को मिल सकता है बढ़ावा

भारत-रूस सहयोग के विस्तार से रक्षा और खनिजों के अलावा तकनीक, निवेश और औद्योगिक साझेदारी के नए रास्ते खुलने की संभावना है।

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