पुरुषों में क्यों बढ़ रहा प्रोस्टेट कैंसर? जानें वो 5 बड़े कारण, जिन्हें नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

हेल्थ डेस्क। प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में होने वाले प्रमुख कैंसर में शामिल है। इसका खतरा खासतौर पर उम्र बढ़ने के साथ बढ़ता है। हालांकि हर व्यक्ति में इसके कारण एक जैसे नहीं होते, लेकिन उम्र, पारिवारिक इतिहास, मोटापा और जीवनशैली जैसे कई कारक जोखिम को बढ़ा सकते हैं। शुरुआती चरण में कई बार इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए बढ़ती उम्र में नियमित स्वास्थ्य जांच को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

1. बढ़ती उम्र सबसे बड़ा जोखिम कारक

प्रोस्टेट कैंसर का खतरा उम्र के साथ बढ़ता जाता है। खासकर 50 वर्ष के बाद पुरुषों को इसके प्रति अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट की कोशिकाओं में होने वाले बदलाव कैंसर का जोखिम बढ़ा सकते हैं।

2. परिवार में पहले किसी को बीमारी होना

अगर परिवार में पिता, भाई या किसी करीबी रिश्तेदार को प्रोस्टेट कैंसर रहा है, तो दूसरे पुरुषों में भी इसका खतरा सामान्य से अधिक हो सकता है। कुछ आनुवंशिक बदलाव भी इस जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे मामलों में डॉक्टर से समय पर सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

3. बढ़ता मोटापा और खराब खान-पान

अधिक वजन और मोटापा कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। प्रोस्टेट कैंसर के मामले में भी मोटापे को एक संभावित जोखिम कारक माना जाता है। ज्यादा कैलोरी वाला भोजन, अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड और असंतुलित डाइट के बजाय सब्जियों, फलों, साबुत अनाज और संतुलित आहार को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है।

4. शारीरिक गतिविधि की कमी

आज की बदलती जीवनशैली में लंबे समय तक बैठे रहना और नियमित व्यायाम न करना आम हो गया है। शारीरिक गतिविधि की कमी से वजन बढ़ने समेत कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। नियमित चलना, व्यायाम और वजन को नियंत्रित रखना फायदेमंद है और कैंसर के कई जोखिम कारकों को कम करने में मदद कर सकता है।

5. धूम्रपान और अस्वस्थ जीवनशैली

धूम्रपान शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचाता है और कई कैंसर के खतरे से जुड़ा हुआ है। शराब का अत्यधिक सेवन, धूम्रपान, खराब खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता जैसी आदतें भी समग्र स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं। इसलिए पुरुषों को इन आदतों से दूरी बनाने की कोशिश करनी चाहिए।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

पेशाब करने में परेशानी, पेशाब की धार कमजोर होना, बार-बार पेशाब लगना, पेशाब या वीर्य में खून आना तथा कमर या हड्डियों में लगातार दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। हालांकि ये लक्षण हमेशा प्रोस्टेट कैंसर का संकेत नहीं होते, लेकिन इनका कारण जानने के लिए जांच जरूरी हो सकती है।

0 comments:

Post a Comment