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यूपी की ये सड़के होगी 6-लेन, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड और कानपुर क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-27) को छह लेन में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है और सड़क के नए अलाइमेंट को मंजूरी दे दी है। 

करीब 5,200 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने के बाद कानपुर और झांसी के बीच सफर पहले से कहीं अधिक आसान, सुरक्षित और तेज हो जाएगा। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार 10 जून तक डीपीआर तैयार होने की संभावना है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

कम होगा यात्रा का समय

वर्तमान में कानपुर से झांसी तक पहुंचने में चार घंटे या उससे अधिक समय लग जाता है। लेकिन हाईवे के छह लेन बनने के बाद यह सफर लगभग तीन घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को समय की बचत होगी और सड़क पर बढ़ते ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।

221 किमी मार्ग का विस्तार

योजना के तहत झांसी से कानपुर तक करीब 221 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को फोर लेन से सिक्स लेन में बदला जाएगा। सड़क चौड़ी होने से भारी वाहनों और आम यात्रियों दोनों को बेहतर सुविधा मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत कालपी में नया ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इसके अलावा हाईवे पर मौजूद 22 कटों को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अंडरपास का निर्माण भी किया जाएगा।

दो चरणों में होगा निर्माण कार्य

इस परियोजना को दो हिस्सों में बांटा है। पहले चरण में झांसी से उरई तक के लगभग 135 किलोमीटर हिस्से की डीपीआर तैयार की जा रही है। वहीं दूसरे चरण में उरई से आगे के हिस्से का सर्वेक्षण और परियोजना निर्माण का काम चल रहा है। विशेष बात यह है कि सड़क फिलहाल छह लेन की बनाई जाएगी, लेकिन पुल, फ्लाईओवर और अन्य संरचनाएं भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आठ लेन क्षमता के अनुरूप तैयार की जाएंगी।

इन जिलों को होगा सबसे बड़ा फायदा

इस परियोजना से झांसी, उरई, जालौन, कालपी, कोंच और आसपास के क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, उद्योग और परिवहन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला! देशभर में आज से 3 नए नियम लागू

नई दिल्ली। जून 2026 की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इन नए नियमों का असर सीधे तौर पर आम लोगों पर पड़ सकता है। ऐसे में हर नागरिक के लिए इन बदलावों की जानकारी रखना जरूरी है ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

1. एलपीजी कनेक्शन को लेकर नया नियम

एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने नया प्रावधान लागू किया है। अब ऐसे परिवार जिनके पास पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और एलपीजी सिलेंडर दोनों की सुविधा मौजूद है, उन्हें अपने एलपीजी कनेक्शन को लेकर नियमों का पालन करना होगा। सरकार ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान कर रही है जो दोनों सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं। निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने पर एलपीजी कनेक्शन को निष्क्रिय या रद्द किया जा सकता है।

2. पेट्रोल, डीजल और एटीएफ पर नया निर्यात शुल्क

केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर नया शुल्क लागू कर दिया है। इसके तहत पेट्रोल, डीजल और हवाई ईंधन (ATF) को विदेश भेजने पर अतिरिक्त टैक्स देना होगा। नए प्रावधान के अनुसार पेट्रोल पर 1.5 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 9.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लागू किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू बाजार में ईंधन उपलब्धता को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।

3. सोलर पैनल क्षेत्र में नया नियम लागू

देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ALMM List-II को पूरी तरह लागू कर दिया है। अब सरकारी योजनाओं और सब्सिडी वाले सोलर प्रोजेक्ट्स में केवल स्वीकृत और प्रमाणित सोलर मॉड्यूल एवं सेल का उपयोग किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। हालांकि उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों के कारण कुछ सोलर उपकरणों की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

बिहार में सभी शिक्षकों के लिए नया फरमान, स्पष्ट निर्देश जारी

पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन इस बार शिक्षकों को पूरी तरह से अवकाश का लाभ नहीं मिल पाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ग्रीष्मावकाश के दौरान भी शिक्षकों को विभागीय कार्यों के लिए उपलब्ध रहना होगा। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें किसी भी समय ड्यूटी पर बुलाया जा सकता है।

1 जून से 20 जून तक ग्रीष्मावकाश

राज्य के सरकारी विद्यालयों में 1 जून से 20 जून तक ग्रीष्मावकाश घोषित किया गया है। इस अवधि में छात्रों की नियमित कक्षाएं नहीं चलेंगी, लेकिन शिक्षकों को पूरी तरह मुक्त नहीं माना जाएगा। विभाग ने निर्देश दिया है कि सभी शिक्षक अपने मुख्यालय क्षेत्र में उपलब्ध रहें ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी जा सकें।

ली जा सकती है शिक्षकों की सेवाएं

शिक्षा विभाग के अनुसार अवकाश अवधि के दौरान राज्य में कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन होना है। इन परीक्षाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए शिक्षकों की सेवाएं ली जा सकती हैं। उन्हें परीक्षा केंद्रों पर वीक्षक, पर्यवेक्षक या अन्य प्रशासनिक दायित्वों के लिए तैनात किया जा सकता है।

मोबाइल फोन रखना होगा सक्रिय

विभाग ने सभी शिक्षकों को निर्देश दिया है कि ग्रीष्मावकाश के दौरान उनका मोबाइल फोन हमेशा चालू रहना चाहिए। किसी भी समय विभागीय सूचना, आदेश या ड्यूटी से संबंधित निर्देश जारी किए जा सकते हैं। ऐसे में शिक्षकों को तुरंत सूचना प्राप्त हो और वे आवश्यक कार्रवाई कर सकें, इसके लिए मोबाइल सक्रिय रखना अनिवार्य किया गया है।

मुख्यालय छोड़ने पर लेनी होगी अनुमति

शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी शिक्षक को अवकाश के दौरान किसी कारणवश मुख्यालय क्षेत्र से बाहर जाना है तो उन्हें पहले संबंधित सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त करनी होगी। बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने को नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जा सकता है और इस पर कार्रवाई भी हो सकती है।

सभी जिला अधिकारियों को दिए गए निर्देश

इस आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने अधिकारियों से कहा है कि वे सुनिश्चित करें कि सभी शिक्षक आदेशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध रहें।

बिहार में मौसम का धमाका! आज इन 7 जिलों में आंधी-पानी का अलर्ट

पटना। बिहार में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत दिलाई है। राज्य के कई हिस्सों में मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक रहने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने राज्य के सात जिलों के लिए आंधी, बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।

7 जिलों में जारी हुआ अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है। इन क्षेत्रों में तेज हवा चलने के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

सीमांचल में राहत भरा मौसम

सीमांचल क्षेत्र के जिलों में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत सुखद बना रहने की संभावना है। बादल, हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति अस्थायी है और जल्द ही मौसम का रुख बदल सकता है।

अगले कुछ दिनों में बढ़ेगा तापमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 2 जून के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क होने लगेगा। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में तेजी से वृद्धि देखने को मिल सकती है। अगले तीन से चार दिनों के दौरान तापमान में 4 से 8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है।

मौसम में बदलाव की क्या है वजह?

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक हाल के दिनों में बिहार के मौसम को प्रभावित करने वाले कई सिस्टम सक्रिय थे। चक्रवाती परिसंचरण, पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण राज्य में आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला। इन मौसमीय प्रणालियों के प्रभाव से तापमान नियंत्रित रहा और लोगों को गर्मी से राहत मिली। अब ये सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहे हैं, जिसके कारण बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं और गर्मी दोबारा अपना असर दिखा सकती है।

लोगों को बरतनी होगी सावधानी

मौसम विभाग ने लोगों से बदलते मौसम को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। आंधी और बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। वहीं आने वाले दिनों में बढ़ती गर्मी को देखते हुए पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचाव करने और दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से परहेज करने की जरूरत होगी।

2 जून को हंस महापुरुष राजयोग! 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-समृद्धि के खुलेंगे द्वार

राशिफल। ज्योतिष में हंस महापुरुष राजयोग को अत्यंत शुभ और प्रभावशाली योग माना जाता है। यह योग तब बनता है जब गुरु ग्रह अपनी स्वराशि या उच्च राशि में केंद्र भाव में स्थित होते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 2 जून से इस शुभ योग का प्रभाव कुछ राशियों पर विशेष रूप से देखने को मिल सकता है। माना जाता है कि इस दौरान करियर, व्यापार, शिक्षा, धन और मान-सम्मान से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह राजयोग लाभकारी साबित हो सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में पदोन्नति का रास्ता खोल सकती हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहकों और नए अवसरों का लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार होने की संभावना है और आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास और सफलता लेकर आ सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं और कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना हो सकती है। व्यापार में लाभ के योग बन रहे हैं। यदि आप कोई नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो समय अनुकूल माना जा सकता है। छात्रों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि के स्वामी स्वयं गुरु ग्रह हैं, इसलिए हंस महापुरुष राजयोग का प्रभाव इस राशि पर विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। नौकरी में उन्नति, वेतन वृद्धि या नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को लाभदायक सौदे मिल सकते हैं और निवेश से जुड़े मामलों में भी अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। पारिवारिक जीवन में खुशियां बढ़ेंगी और दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। लंबे समय से चली आ रही किसी समस्या का समाधान मिलने की संभावना है।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह राजयोग भाग्य का भरपूर साथ लेकर आ सकता है। करियर में नई ऊंचाइयां हासिल करने के अवसर मिल सकते हैं। जो लोग नौकरी की तलाश कर रहे हैं, उन्हें अच्छी खबर मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और धन संचय करने में सफलता मिल सकती है। व्यापार में विस्तार के अवसर प्राप्त होंगे। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा और घर में सुख-समृद्धि का वातावरण बना रहेगा।

बिहार के सैनिक स्कूल में बंपर भर्ती, 44 हजार से ज्यादा वेतन

न्यूज डेस्क। बिहार में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। सैनिक स्कूल गोपालगंज ने वर्ष 2026 के लिए शिक्षण और पुस्तकालय से जुड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इस भर्ती के तहत टीजीटी (कंप्यूटर साइंस) और लाइब्रेरियन के पदों पर योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। खास बात यह है कि चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार आकर्षक वेतनमान का लाभ मिलेगा।

किन पदों पर होगी भर्ती?

सैनिक स्कूल गोपालगंज द्वारा जारी भर्ती विज्ञापन के अनुसार कुल 2 रिक्त पदों को भरा जाएगा। इनमें एक पद टीजीटी (कंप्यूटर साइंस) और दूसरा पद लाइब्रेरियन का है। दोनों पद नियमित आधार पर भरे जाएंगे।

कितना मिलेगा वेतन?

चयनित उम्मीदवारों को 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के लेवल-7 के अनुसार वेतन दिया जाएगा। इस वेतनमान में मूल वेतन 44,900 रुपये प्रतिमाह से शुरू होगा। इसके अलावा नियमानुसार अन्य भत्तों का लाभ भी मिल सकता है।

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में स्नातक डिग्री होना आवश्यक है। टीजीटी (कंप्यूटर साइंस) पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के साथ बी.एड की पात्रता जरूरी है, जबकि लाइब्रेरियन पद के लिए बी.लिब या समकक्ष योग्यता मांगी गई है।

आयु सीमा

भर्ती के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ दिया जा सकता है।

आवेदन प्रक्रिया

इस भर्ती के लिए आवेदन ऑनलाइन नहीं बल्कि ऑफलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक उम्मीदवार सैनिक स्कूल गोपालगंज की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड कर निर्धारित प्रारूप में भर सकते हैं। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर आवेदन निर्धारित पते पर भेजना होगा।

आवेदन की अंतिम तिथि

भर्ती विज्ञापन के प्रकाशन की तिथि से 21 दिनों के भीतर आवेदन जमा करना अनिवार्य है। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि अंतिम समय का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

डबल खुशखबरी, बिहार में 2 बड़ी भर्ती का ऐलान, युवाओं की लग गई लॉटरी

पटना।  बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में एक साथ दो महत्वपूर्ण भर्तियों की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे योग्य उम्मीदवारों को सरकारी सेवा में शामिल होने का शानदार अवसर मिलेगा। 

एक ओर बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (टेक्निकल) के पदों पर भर्ती निकाली है, वहीं दूसरी ओर बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने फूड एनालिस्ट के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

BPSSC में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (टेक्निकल) भर्ती

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (टेक्निकल) के 22 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए तकनीकी क्षेत्र में डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन 21 मई 2026 से शुरू हो चुके हैं और इच्छुक अभ्यर्थी 21 जून 2026 तक आवेदन जमा कर सकते हैं। उम्मीदवारों को आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही करना होगा।

महत्वपूर्ण जानकारी

पद का नाम: असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (टेक्निकल)

कुल पद: 22

शैक्षणिक योग्यता: संबंधित विषय में डिप्लोमा

आवेदन प्रारंभ: 21 मई 2026

अंतिम तिथि: 21 जून 2026

BTSC ने फूड एनालिस्ट पदों पर निकाली भर्ती

बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता जांच से जुड़े फूड एनालिस्ट के 11 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती में विज्ञान विषय से उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। फूड एनालिस्ट पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 19 जून 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।

महत्वपूर्ण जानकारी

पद का नाम: फूड एनालिस्ट

कुल पद: 11

शैक्षणिक योग्यता: बीएससी, एमएससी, एमफिल या पीएचडी

आवेदन प्रारंभ: 20 मई 2026

अंतिम तिथि: 19 जून 2026

युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

इन दोनों भर्तियों के माध्यम से तकनीकी और विज्ञान क्षेत्र से जुड़े उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी पाने का बेहतरीन मौका मिलेगा। खास बात यह है कि दोनों भर्तियों के आवेदन फिलहाल खुले हुए हैं, इसलिए पात्र उम्मीदवार समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

2 से 8 जून तक चमकेगी तकदीर! 5 राशियों पर बरसेगा पैसा, पद और प्रतिष्ठा

ज्योतिष डेस्क। जून का पहला सप्ताह कई राशियों के लिए बेहद खास रहने वाला है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 2 जून से 8 जून के बीच ग्रहों की स्थिति में बनने वाले शुभ संयोग कुछ राशियों के लिए लाभ, उन्नति और सफलता के नए अवसर लेकर आ सकते हैं। 

इस दौरान करियर, व्यापार, आर्थिक मामलों और सामाजिक प्रतिष्ठा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह सप्ताह 5 राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ संकेत दे रहा है। आइए जानते हैं किन राशियों को इस अवधि में सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह आर्थिक दृष्टि से लाभदायक रह सकता है। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है और व्यापार में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास और सफलता बढ़ाने वाला रहेगा। नए संपर्क बन सकते हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगे। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह उपलब्धियों से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में प्रशंसा मिलने की संभावना है। जो लोग लंबे समय से पदोन्नति या नई जिम्मेदारी का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें सकारात्मक समाचार मिल सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह सप्ताह संतुलन और सफलता लेकर आ सकता है। पारिवारिक और आर्थिक दोनों क्षेत्रों में शुभ संकेत दिखाई दे रहे हैं। व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए अनुबंध या लाभदायक अवसर मिल सकते हैं।

5. मकर राशि

मकर राशि के लोगों के लिए यह समय मेहनत का फल देने वाला साबित हो सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। पुराने विवाद या अटके हुए मामले भी सुलझ सकते हैं।

प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान: बिहार में बीजेपी को चुनौती देने की तैयारी

पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उनकी पार्टी इस चुनाव को पूरी ताकत के साथ लड़ेगी और भाजपा को चुनौती देने का प्रयास करेगी।

प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद राज्य की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। क्योंकि बांकीपुर सीट को लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है और यहां विपक्षी दलों को अब तक बड़ी सफलता नहीं मिल सकी है।

बांकीपुर उपचुनाव पर जन सुराज की नजर

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उनका कहना है कि पिछले कई दशकों से यहां एक ही राजनीतिक धारा का प्रभाव रहा है, लेकिन अब जन सुराज इस समीकरण को बदलने का प्रयास करेगा। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी पूरी रणनीति और संगठनात्मक ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी और मतदाताओं के बीच अपना आधार मजबूत करेगी।

क्यों अहम मानी जाती है बांकीपुर सीट?

बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र बिहार की सबसे चर्चित सीटों में से एक माना जाता है। यह सीट लंबे समय से भाजपा के कब्जे में रही है। हाल के चुनावों में भाजपा नेता नितिन नवीन ने यहां बड़ी जीत दर्ज की थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस सीट पर मुकाबला कड़ा होता है, तो इसका असर राज्य की आगामी राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।

जन सुराज के लिए बड़ी परीक्षा

पिछले विधानसभा चुनाव में जन सुराज ने बड़ी संख्या में उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, लेकिन पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। इसके बावजूद प्रशांत किशोर लगातार संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान पर जोर दे रहे हैं। अब बांकीपुर उपचुनाव को पार्टी अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के अवसर के रूप में देख रही है। यही वजह है कि जन सुराज इस सीट को प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है।

क्या बदलेंगे राजनीतिक समीकरण?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उपचुनाव अक्सर जनता के मूड का संकेत देते हैं। ऐसे में यदि बांकीपुर में मुकाबला रोचक बनता है तो यह बिहार की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकता है। हालांकि भाजपा अभी भी इस क्षेत्र में मजबूत स्थिति में मानी जाती है, लेकिन जन सुराज की सक्रियता ने चुनावी चर्चा को जरूर गर्म कर दिया है।

किडनी को अंदर से साफ कर देंगी ये 4 चीजें, जानें आसान नेचुरल तरीका

हेल्थ डेस्क। किडनी हमारे शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को फिल्टर करके शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करती है। गलत खान-पान, कम पानी पीना और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऐसे में कुछ प्राकृतिक चीजें किडनी को स्वस्थ रखने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद कर सकती हैं।

1. पर्याप्त पानी

किडनी को स्वस्थ रखने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका पर्याप्त मात्रा में पानी पीना है। पानी शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और किडनी पर दबाव कम करता है। नियमित रूप से 7-8 गिलास पानी पीना फायदेमंद माना जाता है।

2. नींबू पानी

नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड किडनी स्टोन बनने के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है। सुबह खाली पेट गुनगुना नींबू पानी पीने से शरीर डिटॉक्स होता है और किडनी की कार्यप्रणाली बेहतर रहती है।

3. तरबूज

तरबूज में भरपूर मात्रा में पानी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को हाइड्रेट रखते हैं। यह किडनी को साफ रखने और यूरिन के जरिए विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है।

4. तुलसी

तुलसी को आयुर्वेद में एक औषधीय पौधा माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण किडनी को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकते हैं। तुलसी की पत्तियों का सेवन या तुलसी की चाय फायदेमंद मानी जाती है।

बृहस्पति-बुध का धमाकेदार योग: 4 राशियों की तरक्की तय, रुके काम बनेंगे

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, भाग्य और समृद्धि का कारक माना जाता है, जबकि बुध ग्रह को बुद्धि, व्यापार, संचार और निर्णय क्षमता का प्रतीक कहा जाता है। जब ये दोनों ग्रह एक साथ अनुकूल स्थिति में आते हैं, तो इसे अत्यंत शुभ योग माना जाता है।

1 जून 2026 को ज्योतिषीय गणना के अनुसार बृहस्पति और बुध का यह विशेष संयोग कई राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ रहा है। इस योग के प्रभाव से रुके हुए कार्यों में गति आने, आर्थिक स्थिति मजबूत होने और करियर में नई दिशा मिलने के संकेत हैं।

इस योग का प्रभाव क्या दर्शाता है?

बृहस्पति और बुध का संयुक्त प्रभाव व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और भाग्य तीनों को मजबूत करता है। यह योग विशेष रूप से शिक्षा, नौकरी, व्यापार और निवेश से जुड़े मामलों में लाभकारी माना जाता है। जिन लोगों के कार्य लंबे समय से अटके हुए थे, उनके लिए यह समय राहत देने वाला हो सकता है।

इन 4 राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

1. मिथुन राशि

मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, इसलिए इस योग का सीधा और मजबूत प्रभाव इस राशि पर पड़ेगा। नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं और अटके हुए काम पूरे होने की संभावना है।

2. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह योग बेहद शुभ माना जा रहा है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और करियर में स्थिरता व प्रगति के संकेत मिलेंगे। निर्णय क्षमता मजबूत होगी।

3. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य और मेहनत दोनों का साथ देने वाला रहेगा। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है।

4. मीन राशि

मीन राशि पर बृहस्पति का प्रभाव विशेष रूप से सकारात्मक रहता है। इस योग के दौरान रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और आर्थिक लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं।

कल मंगल का तेज असर: 5 राशियों पर बरसेगा भाग्य, तरक्की के खुलेंगे रास्ते

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, पराक्रम और सफलता का प्रतीक माना जाता है। जब भी मंगल की स्थिति मजबूत होती है या उसका विशेष प्रभाव बनता है, तो इसका असर कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जाता है। कल मंगल का तेज प्रभाव कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत लेकर आ रहा है।

इस प्रभाव से करियर, नौकरी, व्यापार और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी की संभावना बन रही है। कई लोगों के रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और नए अवसरों के द्वार खुल सकते हैं।

इन 5 राशियों को मिलेगा मंगल का विशेष लाभ

1. मेष राशि

मेष राशि के स्वामी स्वयं मंगल हैं, इसलिए इस राशि पर इसका प्रभाव सबसे अधिक शुभ माना जाता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में तरक्की के संकेत हैं।

2. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय नेतृत्व क्षमता और सफलता बढ़ाने वाला रहेगा। नौकरी में पदोन्नति या सम्मान मिलने की संभावना है। रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं।

3. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि पर भी मंगल का विशेष प्रभाव होता है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और किसी नए प्रोजेक्ट से लाभ मिलने के संकेत हैं। साहसिक निर्णय सफल हो सकते हैं।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह समय करियर में प्रगति और नए अवसरों का संकेत दे रहा है। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह प्रभाव मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में स्थिरता और तरक्की के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

यूपी में घर बैठे मिलेगी खतौनी, जमीन मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने जमीन से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया को और आसान बनाते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। अब नागरिकों को खतौनी की प्रमाणित प्रति (Certified Copy) लेने के लिए तहसील या राजस्व कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। यह पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन कर दी गई है, जिससे आम लोगों को समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।

क्या है नई व्यवस्था?

राजस्व विभाग ने खतौनी प्राप्त करने की सुविधा को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर दिया है। अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपनी जमीन का रिकॉर्ड देख और डाउनलोड कर सकता है। इसके लिए सरकार ने दो आधिकारिक पोर्टल उपलब्ध कराए हैं: upbhulekh.gov.in और bor.up.gov.in, इन पोर्टलों के जरिए लोग आसानी से खतौनी की प्रमाणित नकल प्राप्त कर सकते हैं।

कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?

नई व्यवस्था के तहत प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है। उपयोगकर्ता को कुछ आसान चरणों का पालन करना होगा। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करें, “खतौनी की नकल” विकल्प चुनें, जिला, तहसील और गांव की जानकारी भरें, संबंधित गाटा संख्या का चयन करें, निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें, प्रमाणित प्रति तुरंत डाउनलोड करें। यह पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी की जा सकती है।

24 घंटे उपलब्ध है यह सेवा

इस डिजिटल सुविधा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध है। नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय खतौनी डाउनलोड कर सकते हैं। इससे समय की पाबंदी या कार्यालय समय की बाधा खत्म हो गई है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, मेमोरेंडम जमा करने की तारीख बढ़ी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और उनके संगठनों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) ने मेमोरेंडम यानी मांग पत्र जमा करने की समय सीमा को एक बार फिर बढ़ा दिया है। यह फैसला कर्मचारियों और यूनियनों को अतिरिक्त अवसर देने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक सुझाव आयोग तक पहुंच सकें।

अब 15 जून 2026 तक जमा कर सकेंगे मेमोरेंडम

पहले मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 तय की गई थी। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम मौका होगा और इसके बाद कोई भी समय विस्तार नहीं दिया जाएगा। इस फैसले से उन कर्मचारियों और संगठनों को राहत मिली है जो समय सीमा के भीतर अपना मांग पत्र तैयार नहीं कर पाए थे।

सिर्फ ऑनलाइन ही स्वीकार होगा आवेदन

आयोग ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। अब मेमोरेंडम केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। सभी सुझाव और मांगें केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही भेजनी होंगी। हाथ से लिखे पत्र, ईमेल, पीडीएफ या हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।

इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट: 8cpc.gov.in

समय सीमा बढ़ाने की वजह क्या है?

कर्मचारी संगठनों और नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने आयोग से समय बढ़ाने की मांग की थी। उनका कहना था कि कई स्तरों पर विचार-विमर्श और सुझाव तैयार करने में समय लग रहा है। इसी को देखते हुए आयोग ने पहले भी डेडलाइन बढ़ाई थी, और अब इसे अंतिम बार 15 जून 2026 तक बढ़ाया गया है।

खुशखबरी का पिटारा खुला! यूपी में बंपर भर्ती शुरू, आवेदन प्रक्रिया चालू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने संयुक्त निम्न अधीनस्थ सेवा भर्ती 2026 के तहत बंपर पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के माध्यम से कुल 2516 पदों को भरा जाएगा, जिससे राज्य के हजारों अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिलेगा।

कितने पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 2516 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। पहले यह संख्या 2285 थी, जिसे बाद में संशोधित कर बढ़ा दिया गया है। यह भर्ती प्रदेश के विभिन्न 11 सरकारी विभागों में की जाएगी।

शैक्षणिक योग्यता क्या है?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Bachelor’s Degree) होना अनिवार्य है। कुछ पदों के लिए LLB योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।

उम्मीदवारों की आयु सीमा

इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों की आयु पद के अनुसार तय की गई है: न्यूनतम आयु: 21 वर्ष, अधिकतम आयु: 40 वर्ष निर्धारित हैं। आयु की गणना भर्ती नियमों के अनुसार की जाएगी और आरक्षण नियमों के तहत छूट भी लागू होगी।

 उम्मीदवारों का वेतन

चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतनमान दिया जाएगा, जो विभिन्न पदों के अनुसार अलग-अलग होगा: वेतन स्तर: लेवल-4 से लेवल-6, वेतन सीमा: ₹25,500 से ₹1,12,400 तक, यह सैलरी सरकारी सेवा में एक मजबूत करियर विकल्प प्रदान करती है।

आवेदन शुल्क

इस भर्ती प्रक्रिया में सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क केवल ₹25 निर्धारित किया गया है, जो ऑनलाइन प्रोसेसिंग फीस के रूप में लिया जाएगा।

आवेदन कैसे करें?

उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है, जिससे अभ्यर्थी घर बैठे आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन की अंतिम तिथि: 18 जून 2026

संशोधन की अंतिम तिथि: 25 जून 2026

यूपी शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव, अभ्यर्थियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने आगामी भर्तियों में महत्वपूर्ण बदलाव का निर्णय लिया है, जिससे परीक्षा प्रणाली और अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।

इस बदलाव के तहत अब टीजीटी, पीजीटी, प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक पदों की भर्ती के लिए सिलेबस हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा में भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे अभ्यर्थियों को समझने में काफी फायदा मिलेगा। अब तक आयोग की वेबसाइट पर केवल हिंदी माध्यम में ही पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया जाता था, जिससे अंग्रेजी माध्यम के छात्रों को कई बार समझने में कठिनाई होती थी।

नई व्यवस्था के अनुसार: सिलेबस हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा।  सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड के छात्रों को समान सुविधा मिलेगी।  परीक्षा की तैयारी अधिक सरल और स्पष्ट हो जाएगी।  इस कदम को शिक्षा व्यवस्था में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

आयोग के अनुसार हाल ही में हुई टीजीटी और पीजीटी परीक्षाओं के दौरान यह बात सामने आई कि प्रश्न पत्र तो हिंदी और अंग्रेजी दोनों में होते हैं लेकिन सिलेबस केवल हिंदी में होने से असंतुलन पैदा होता है। इससे अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों को समझने में कठिनाई होती है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए अब पाठ्यक्रम को द्विभाषीय बनाने की तैयारी की जा रही है।

23,000 से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी

शिक्षा निदेशालय ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों का विस्तृत ब्यौरा आयोग को भेज दिया है। कुल मिलाकर 23,213 पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। इनमें प्रमुख पद इस प्रकार हैं प्रधानाचार्य: 1502 पद, प्रधानाध्यापक: 1003 पद, पीजीटी (प्रवक्ता): 2705 पद, टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक): 16,114 पद, सहायक अध्यापक: 1889 पद। इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।

यूपी में ग्राम प्रधानों को मिली जिम्मेदारी, पर नहीं ले सकेंगे ये बड़े फैसले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायतों के गठन तक गांवों में प्रशासनिक कामकाज बाधित न हो, इसके लिए पुराने ग्राम प्रधानों को अस्थायी रूप से प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, इस जिम्मेदारी के साथ उन्हें सीमित अधिकार दिए गए हैं और कई बड़े फैसलों पर स्पष्ट रोक लगाई गई है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो चुका है। इसके बाद नई पंचायतों के गठन और पहली बैठक होने तक प्रशासनिक व्यवस्था को जारी रखना जरूरी था। इसी कारण 27 मई से पूर्व ग्राम प्रधानों को प्रभारी के रूप में कार्य करने की अनुमति दी गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गांवों में जरूरी सेवाएं और प्रशासनिक काम बिना रुकावट जारी रहें।

प्रभारी प्रधानों के अधिकार सीमित

नई व्यवस्था के तहत प्रभारी ग्राम प्रधान केवल सामान्य और जरूरी प्रशासनिक कार्यों का संचालन कर सकेंगे। उन्हें कुछ महत्वपूर्ण सीमाएं भी दी गई हैं: कोई नया विकास कार्य शुरू नहीं कर सकते, नई योजनाओं या नीतियों पर निर्णय लेने का अधिकार नहीं, बड़े वित्तीय या संरचनात्मक फैसलों पर रोक। इसका मतलब है कि वे सिर्फ चल रहे कामों को आगे बढ़ा सकते हैं, नए कार्यों की शुरुआत नहीं कर सकते।

किस काम की अनुमति है?

प्रभारी प्रधानों को केवल वही कार्य करने की अनुमति दी गई है जो पहले से स्वीकृत या जारी हैं, जैसे: पहले से मंजूर विकास योजनाएं, चल रहे निर्माण कार्य, पूरे हो चुके कार्यों के भुगतान की प्रक्रिया, जरूरी प्रशासनिक गतिविधियां। इन कार्यों को पहले की तरह जारी रखा जाएगा ताकि विकास कार्यों में रुकावट न आए।

नए कार्यों के लिए क्या नियम हैं?

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए अब जिलाधिकारी की अनुमति अनिवार्य होगी। इसके बिना कोई भी नया प्रोजेक्ट या योजना शुरू नहीं की जा सकेगी। यह व्यवस्था पारदर्शिता बनाए रखने और प्रशासनिक नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है।

कितने समय तक रहेगी यह व्यवस्था?

यह अस्थायी व्यवस्था नई ग्राम पंचायतों की पहली बैठक होने तक या अधिकतम छह महीने तक लागू रहेगी। इसके बाद नई पंचायतें पूरी तरह से कार्यभार संभाल लेंगी।

आज देवगुरु बृहस्पति का महागोचर: 4 राशियों के लिए खुलेंगे भाग्य के द्वार

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, भाग्य, समृद्धि और शुभ अवसरों का कारक माना जाता है। जब भी बृहस्पति अपनी राशि या स्थिति बदलते हैं, तो उसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलता है। 

आज बृहस्पति के महागोचर को ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसका सीधा असर कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के रूप में दिखाई दे सकता है। इस गोचर के दौरान कुछ राशियों के लिए भाग्य के नए द्वार खुलने के संकेत मिल रहे हैं। विशेष रूप से 4 राशियों को इस परिवर्तन से लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

इन 4 राशियों पर पड़ेगा शुभ प्रभाव

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर करियर और आत्मविश्वास में वृद्धि का संकेत दे रहा है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और नए अवसर प्राप्त होने की संभावना है।

2. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक सुधार और पारिवारिक सुख का संकेत दे रहा है। निवेश या आय के नए स्रोत बन सकते हैं और मानसिक शांति में वृद्धि होगी।

3. धनु राशि

धनु राशि पर बृहस्पति का विशेष प्रभाव माना जाता है। इस गोचर के कारण भाग्य का साथ मिलेगा, शिक्षा और करियर में प्रगति के अवसर बन सकते हैं। यात्रा और नए संपर्क भी लाभकारी रहेंगे।

4. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मिक और व्यावहारिक दोनों स्तरों पर सुधार लाने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

सोमवार का चमत्कारी योग: 5 राशियों की पलटने वाली है किस्मत, बनेंगे सारे बिगड़े काम!

राशिफल। आज सोमवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति में बने शुभ योग के कारण कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विशेष रूप से 5 राशियों के लिए यह दिन लाभ, सफलता और नई संभावनाओं का संकेत दे रहा है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस शुभ योग का प्रभाव करियर, धन, व्यापार और पारिवारिक जीवन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं और कुछ लोगों को अचानक लाभ भी मिल सकता है।

इन 5 राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। नौकरी और व्यवसाय में नए अवसर मिल सकते हैं। रुके हुए कार्यों में गति आएगी।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह दिन आर्थिक दृष्टि से शुभ संकेत दे रहा है। किसी पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है और नए संपर्क भविष्य में फायदेमंद साबित होंगे।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन सफलता दिलाने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में सम्मान और पहचान बढ़ने के योग बन रहे हैं। पद-प्रतिष्ठा में सुधार संभव है।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय संतुलन और प्रगति का संकेत दे रहा है। पारिवारिक जीवन में खुशियां बढ़ेंगी और किसी महत्वपूर्ण निर्णय में सफलता मिल सकती है।

5. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए आज का दिन मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला रहेगा। नौकरी और व्यापार में स्थिरता के साथ लाभ के अवसर मिल सकते हैं।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: टैक्स में कटौती, 1 जून से लागू

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बड़ी राहत देने का फैसला किया है। 1 जून से लागू हुए नए प्रावधानों के तहत पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले करों में कमी की गई है। सरकार का यह कदम ऊर्जा क्षेत्र और निर्यात उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्या बदला है?

सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) को 3 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 1.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वहीं डीजल पर यह टैक्स 16.50 रुपये से घटाकर 13.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर भी बड़ी राहत देते हुए कर को 16 रुपये से घटाकर 9.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर लगने वाला सड़क एवं आधारभूत संरचना उपकर शून्य कर दिया गया है।

आम उपभोक्ताओं पर क्या असर?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा टैक्स व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसलिए इस फैसले का सीधा असर आम उपभोक्ताओं के पेट्रोल-डीजल के दामों पर फिलहाल देखने को नहीं मिलेगा। यह राहत मुख्य रूप से निर्यात करने वाली कंपनियों को मिलेगी।

क्यों घटाया गया टैक्स?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सरकार समय-समय पर विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है। यह टैक्स हर 15 दिन में संशोधित किया जा सकता है। वर्तमान परिस्थितियों में निर्यातकों को राहत देने और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से कर दरों में कटौती की गई है।

क्या होता है विंडफॉल टैक्स?

विंडफॉल टैक्स वह कर होता है जो किसी कंपनी को बाजार की विशेष परिस्थितियों के कारण होने वाले अतिरिक्त या अप्रत्याशित लाभ पर लगाया जाता है। भारत में इसकी शुरुआत जुलाई 2022 में की गई थी, जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था और ऊर्जा कंपनियों को असामान्य लाभ होने लगा था।

किन कंपनियों को मिलेगा फायदा?

इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करने वाली कंपनियों को मिलने की संभावना है। निजी क्षेत्र की रिफाइनिंग कंपनियां, विशेष रूप से बड़ी निर्यातक इकाइयां, टैक्स बोझ कम होने से अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगी। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनियों को भी इससे राहत मिल सकती है।

अर्थव्यवस्था के लिए क्या मायने हैं?

विशेषज्ञों का मानना है कि निर्यात पर टैक्स में कमी से भारतीय रिफाइनरियों की वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इससे निर्यात को प्रोत्साहन मिल सकता है, विदेशी मुद्रा आय में वृद्धि हो सकती है और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को भी बल मिल सकता है।

यूपी में इन परिवारों को खुशखबरी, सरकार देगी जमीन का मालिकाना हक!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के विस्थापित, भूमिहीन और लंबे समय से अपने अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को जमीन का कानूनी स्वामित्व देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिजनौर जिले में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित करेंगे।

सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल जमीन का स्वामित्व देना नहीं, बल्कि ऐसे परिवारों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। भूमिधरी अधिकार मिलने के बाद लाभार्थी परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी और उनकी जमीन पर कानूनी दावेदारी भी मजबूत होगी।

इन परिवारों का अब दशकों का इंतजार होगा खत्म

कई विस्थापित परिवार वर्षों से भूमि पर निवास कर रहे थे, लेकिन उनके पास स्वामित्व संबंधी कानूनी दस्तावेज नहीं थे। ऐसे में उन्हें बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। भूमिधरी अधिकार पत्र मिलने के बाद इन परिवारों को जमीन का आधिकारिक मालिकाना हक प्राप्त होगा, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।

1645 परिवारों के साथ 50 अन्य को भी फायदा

इस कार्यक्रम में पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों के अलावा 50 पूर्व सैनिकों और लीजधारकों को भी भूमिधरी अधिकार पत्र प्रदान किए जाएंगे। इससे बड़ी संख्या में लोगों को भूमि संबंधी कानूनी सुरक्षा प्राप्त होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भूमि स्वामित्व मिलने से लोगों के जीवन में स्थायित्व आएगा और वे भविष्य की योजनाएं अधिक आत्मविश्वास के साथ बना सकेंगे।

अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को भी लाभ

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी सहायता प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र परिवारों को आवंटन पत्र दिए जाएंगे, जिससे उन्हें आवास निर्माण में मदद मिलेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत चयनित युवाओं को चेक और स्वीकृति पत्र वितरित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और नए रोजगार अवसर उपलब्ध कराना है।

पहले भी हजारों परिवारों को मिल चुका है लाभ

प्रदेश सरकार इससे पहले भी विभिन्न श्रेणियों के विस्थापित और भूमिहीन परिवारों को भूमि अधिकार प्रदान कर चुकी है। हाल के महीनों में बांग्लादेश से विस्थापित परिवारों, नदी कटान से प्रभावित लोगों और जनजातीय समुदायों को भी भूमि अधिकार पत्र वितरित किए गए थे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भूमि अधिकार मिलने के बाद लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों से जुड़ने में काफी मदद मिली है।

केंद्र सरकार ने दी बड़ी सौगात: नागरिकों के लिए 1 नई खुशखबरी

नई दिल्ली। देश में कई बार ऐसा होता है कि लोगों की बैंक जमा राशि, बीमा क्लेम, शेयर, डिविडेंड या म्यूचुअल फंड जैसी संपत्तियां बिना किसी दावे के रह जाती हैं। इसकी बड़ी वजह जानकारी की कमी या समय पर क्लेम न कर पाना होता है। इसी समस्या को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है और एक नया यूनिफाइड ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है।

क्या है शुरू किया गया नया यूनिफाइड पोर्टल?

वित्त मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया यह नया डिजिटल प्लेटफॉर्म एक ऐसी व्यवस्था है, जहां नागरिक अपने सभी अनक्लेम्ड फाइनेंशियल एसेट्स की जानकारी एक ही जगह पर खोज सकते हैं। इस पोर्टल की खास बात यह है कि अब लोगों को अलग-अलग बैंक, बीमा कंपनियों या वित्तीय संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सभी जानकारी एक ही सिस्टम में उपलब्ध होगी। यह पोर्टल https://www.unclaimedassetsportal.in हैं।

कौन-कौन सी संपत्तियां खोजी जा सकेंगी?

इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक निम्न प्रकार की अनक्लेम्ड संपत्तियों को ट्रैक कर सकते हैं: बैंक में जमा अनक्लेम्ड राशि, बीमा पॉलिसी के लंबित क्लेम, शेयर और डिविडेंड, म्यूचुअल फंड निवेश और अन्य वित्तीय संस्थानों की लंबित राशि।

कैसे काम करेगा यह पोर्टल?

यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह डिजिटल और उपयोग में आसान बनाया गया है। उपयोगकर्ता पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं और अलग-अलग वित्तीय संस्थानों में मौजूद अनक्लेम्ड फंड्स को सर्च कर सकते हैं। इसकी वेबसाइट पर जाकर नागरिक एक ही सर्च सिस्टम के जरिए अपने संभावित फंड्स की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

सरकार का उद्देश्य क्या है?

इस पहल को विकसित भारत 2047 के विजन से जोड़ा गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य है: वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, लोगों को उनके हक का पैसा वापस दिलाना, वित्तीय समावेशन को मजबूत करना, नागरिकों का वित्तीय सिस्टम पर भरोसा बढ़ाना। यह पोर्टल PSB Alliance की मदद से तैयार किया गया है, जो विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बीच समन्वय का काम करता है।

NATO को झटका देने जा रहा अमेरिका, ट्रंप के तेवर से रूस खुश!

न्यूज डेस्क। अमेरिका और नाटो (NATO) के रिश्तों में एक बार फिर तनाव और रणनीतिक बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका अपने यूरोपीय सहयोगी देशों में तैनात हजारों सैनिकों को वापस बुलाने की योजना पर काम कर रहा है। इस कदम को वैश्विक सुरक्षा और पश्चिमी गठबंधन की रणनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यूरोप में क्या है अमेरिकी सैन्य मौजूदगी?

वर्तमान में यूरोप में लगभग 90,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या जर्मनी में है, जहां करीब 35,000 सैनिक मौजूद हैं। यह तैनाती लंबे समय से NATO की सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा रही है। लेकिन अब इस सैन्य ढांचे में बड़े बदलाव की संभावना सामने आ रही है, जिससे यूरोपीय देशों में चिंता बढ़ सकती है।

जर्मनी से सैनिकों की वापसी की योजना

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ने जर्मनी से लगभग 5,000 सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाएगी और अनुमान है कि यह पूरी वापसी 6 से 12 महीनों के भीतर पूरी हो सकती है। हालांकि इस पर अभी आधिकारिक तौर पर विस्तृत बयान नहीं आया है, लेकिन यह संकेत साफ हैं कि अमेरिका अपनी सैन्य प्राथमिकताओं में बदलाव कर रहा है।

अन्य देशों से भी वापसी की संभावना

जर्मनी के एक प्रमुख अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका सिर्फ जर्मनी ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य यूरोपीय देशों से भी अपने सैनिकों की संख्या कम करने पर विचार कर रहा है। हालांकि इन देशों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और न ही अमेरिका की तरफ से इस रिपोर्ट की पुष्टि या खंडन किया गया है।

NATO और यूरोप पर असर

अगर यह योजना लागू होती है, तो इसका सीधा असर NATO की सैन्य संरचना पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यूरोपीय सुरक्षा ढांचे पर दबाव बढ़ सकता है, NATO देशों को अपनी रक्षा क्षमता बढ़ानी पड़ सकती है, रूस के साथ शक्ति संतुलन में बदलाव देखने को मिल सकता है। यूरोप पहले से ही सुरक्षा और रक्षा खर्च को लेकर बहस का सामना कर रहा है, ऐसे में यह कदम स्थिति को और जटिल बना सकता है।

यूपी में बन रहा नया एक्सप्रेसवे, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क को लगातार मजबूत किया जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के बाद अब राज्य को एक और महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने जा रही है। यह नया एक्सप्रेसवे अलीगढ़ और आगरा के बीच बन रहा है, जो न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगा बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार देगा।

कितना लंबा और कितना खर्चीला है यह प्रोजेक्ट?

आगरा-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे करीब 65 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिसे पूरी तरह नई सड़क के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग ₹1536 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे फोर-लेन के रूप में बनाया जा रहा है, जिसे भविष्य में जरूरत पड़ने पर सिक्स-लेन में भी बदला जा सकेगा।

किन जिलों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

हालांकि यह सड़क सीधे आगरा और अलीगढ़ को जोड़ती है, लेकिन इसका असर कई और जिलों पर भी पड़ेगा, जैसे: हाथरस, मथुरा, बरेली, बदायूं, कासगंज, नोएडा और ग्रेटर नोएडा, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

यात्रा समय में बड़ी कमी

फिलहाल आगरा और अलीगढ़ के बीच लगभग 65 किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब 2 घंटे लगते हैं। नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह समय घटकर लगभग 1 घंटे रह जाएगा, यानी यात्रा समय में लगभग 50% की कमी आएगी। इसी तरह दिल्ली-नोएडा से इन शहरों तक पहुंचना भी काफी तेज और आसान हो जाएगा।

किन रास्तों से जुड़ेगा यह एक्सप्रेसवे?

यह एक्सप्रेसवे कई प्रमुख मार्गों से जुड़कर एक मजबूत नेटवर्क बनाएगा। जैसे आगरा में यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्शन, खंडौली के पास लिंक रोड, बरेली-मथुरा हाईवे से कनेक्टिविटी, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) तक आसान पहुंच। इस कनेक्टिविटी के कारण पूरे क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और ट्रैवल नेटवर्क काफी मजबूत हो जाएगा।

बिहार सरकार का फैसला, महिलाओं के लिए 4 बड़ी खुशखबरी

समस्तीपुर। बिहार सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की हजारों महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है, ताकि वे अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकें और स्थायी आय का स्रोत बना सकें।

हाल ही में इस योजना के तहत शहरी क्षेत्रों की करीब 16 हजार महिलाओं को पहली किस्त के रूप में ₹10,000 की सहायता राशि देने की तैयारी पूरी कर ली गई है। जल्द ही एक विशेष कार्यक्रम के माध्यम से यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।

हजारों महिलाओं को मिला योजना का लाभ

जानकारी के अनुसार, शहरी क्षेत्रों से लगभग 50 हजार महिलाओं ने इस योजना के लिए आवेदन किया है। इनमें से 16 हजार आवेदनों की जांच पूरी हो चुकी है, जबकि बाकी आवेदनों का सत्यापन जारी है। जैसे-जैसे जांच पूरी होगी, अन्य पात्र महिलाओं को भी सहायता राशि दी जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल योग्य और वास्तविक लाभार्थियों तक ही पहुंचे।

कैसे मिलती है आर्थिक सहायता?

इस योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता दी जाती है। शुरुआत में ₹10,000 की पहली किस्त दी जाती है, जिससे महिलाएं अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें। यदि लाभार्थी अपना व्यवसाय सफलतापूर्वक आगे बढ़ाती हैं, तो उन्हें आगे भी सहायता मिलती है:

दूसरी किस्त: ₹20,000 (व्यवसाय विस्तार के लिए)

तीसरी किस्त: ₹40,000

चौथी किस्त: ₹80,000

पांचवीं किस्त: ₹60,000 (पूरी तरह सरकारी सहायता)

कुछ चरणों में लाभार्थियों को मामूली अंशदान भी करना होता है, जिससे उनकी भागीदारी और जिम्मेदारी सुनिश्चित की जा सके।

किस तरह के रोजगार को मिल रहा बढ़ावा?

इस योजना के माध्यम से महिलाओं को केवल पैसा ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है। सर्वे के अनुसार, महिलाएं विभिन्न प्रकार के छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायों से जुड़ रही हैं, जैसे: पशुपालन (गाय, बकरी और मुर्गी पालन), सिलाई और कढ़ाई का काम, ब्यूटी पार्लर, किराना और छोटी दुकानें, फल-सब्जी और चाय-नाश्ते का व्यवसाय। इन गतिविधियों से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं की आय में सुधार देखने को मिल रहा है।

यूपी में इन छात्रों की बल्ले-बल्ले, सरकार ने दी 2 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को प्रोत्साहित करना और शिक्षा के प्रति उनकी रुचि को और बढ़ाना है।

223 मेधावी छात्रों को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान

राज्य सरकार की ओर से कुल 223 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। ये सभी छात्र विभिन्न शिक्षा बोर्डों यूपी बोर्ड, सीबीएसई, सीआईएससीई और संस्कृत शिक्षा परिषद से संबंधित हैं। इनमें यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के टॉप करने वाले विद्यार्थी प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा अन्य बोर्डों के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र भी इस सूची में हैं।

क्या मिलेगा सम्मान में?

राज्य स्तरीय समारोह में प्रत्येक मेधावी छात्र को निम्नलिखित प्रोत्साहन दिए जाएंगे: ₹1,00,000 की नकद प्रोत्साहन राशि, टैबलेट, मेडल, प्रशस्ति पत्र। इसके साथ ही कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रत्येक छात्र के साथ आए एक अभिभावक को भी सम्मान स्वरूप शाल प्रदान की जाएगी।

समारोह का आयोजन और प्रसारण

यह राज्य स्तरीय सम्मान समारोह लोक भवन में आयोजित किया जाएगा, जो सुबह 11 बजे शुरू होगा। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इस उपलब्धि के साक्षी बन सकें। विद्यार्थियों को समारोह में स्कूल यूनिफॉर्म में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कार्यक्रम की गरिमा बनी रहे।

बोर्डवार मेधावियों का चयन

इस सम्मान समारोह में अलग-अलग बोर्डों के छात्रों को शामिल किया गया है:

यूपी बोर्ड: हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के टॉप 10 विद्यार्थी

संस्कृत शिक्षा परिषद: कुल 21 मेधावी

सीबीएसई बोर्ड: 31 मेधावी

सीआईएससीई बोर्ड: 43 मेधावी

जिला स्तर पर भी होगा सम्मान

राज्य स्तर के अलावा पूरे उत्तर प्रदेश में जिला स्तर पर भी सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में लगभग 1459 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया जाएगा। जिला स्तर पर छात्रों को ₹21,000 की प्रोत्साहन राशि, मेडल, प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में स्थानीय मंत्री और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहकर छात्रों का उत्साह बढ़ाएंगे।

LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी, आज से नई दरें लागू

नई दिल्ली। देश में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बदलाव देखने को मिला है। हाल ही में कमर्शियल और छोटे फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडरों के दाम बढ़ा दिए गए हैं, जबकि घरेलू उपयोग वाले सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस फैसले से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर सीधा असर पड़ सकता है।

कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी

19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में औसतन ₹42 तक की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में कीमत बढ़कर ₹3113.50 हो गई है। जबकि कोलकाता में लगभग ₹53.50 की बढ़ोतरी के बाद कीमत ₹3255.50 तक पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी का असर खास तौर पर व्यावसायिक उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, जहां गैस की खपत अधिक होती है।

छोटे FTL सिलेंडर भी हुए महंगे

5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमत में भी वृद्धि की गई है। अब दिल्ली में 5 किलो सिलेंडर की कीमत ₹821.50 हो गई है, इसमें लगभग ₹11 तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ये छोटे सिलेंडर आमतौर पर छोटे दुकानदारों और घरेलू जरूरतों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, इसलिए इस बढ़ोतरी का असर सीमित स्तर पर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

घरेलू उपभोक्ताओं को राहत

अच्छी खबर यह है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि आम घरों में खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर पहले की कीमत पर ही मिलते रहेंगे। इससे लाखों परिवारों को महंगाई से कुछ राहत मिली है।

पहले भी हो चुकी है बड़ी बढ़ोतरी

गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले 1 मई को कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बड़ा बदलाव किया गया था। उस समय 19 किलो सिलेंडर की कीमत में लगभग ₹993 की बढ़ोतरी हुई थी, दिल्ली में कीमत ₹2,078.50 से बढ़कर ₹3,071.50 हो गई थी। इसके साथ ही 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों के दाम में भी उस समय उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई थी।